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पेपर लीक रोकने का सख्त कानून लोकसभा में पास: 7 साल की सजा, 10 करोड़ तक जुर्माना, वंदे मातरम् के अपमान पर भी होगी सजा

लोकसभा से पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 ध्वनि मत से पास
पेपर लीक पर अब 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माना
राज्यसभा ने वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण देने वाला विधेयक भी पारित किया


नई दिल्ली। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। विधेयक पर मंगलवार को करीब 9 घंटे चर्चा हुई, जबकि बुधवार को विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ने लगभग 50 मिनट तक अपनी बात रखी। विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने विधेयक को ध्वनि मत से पारित करा लिया।

नए संशोधन के तहत पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं। अब ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा करना है।

विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने इसे युवाओं के हित में बड़ा कदम बताया।

उधर राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक, 2026 भी पारित कर दिया। इस संशोधन के बाद वंदे मातरम को भी जन-गण-मन की तरह कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।

नए कानून के अनुसार वंदे मातरम का अपमान, अनादर करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में तीन वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है। यह संशोधन राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में बदलाव के माध्यम से लागू किया गया है।